पुश-अप टेस्ट
पुश-अप टेस्ट कार्यक्रम का एक ज़रूरी हिस्सा है। यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि आप अपने फिटनेस स्तर के अनुकूल प्रशिक्षण चक्र चुनें।
- कार्यक्रम शुरू करने से पहले टेस्ट करें, ताकि पता चले कि आपको किस प्रशिक्षण चक्र से शुरुआत करनी चाहिए।
- हर प्रशिक्षण चक्र के बाद टेस्ट दोहराएँ। इसके परिणाम से तय करें कि अगले चक्र पर जाना है, मौजूदा चक्र दोहराना है या कुछ चक्र आगे बढ़ना है।
टेस्ट शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके लिए व्यायाम न करने का कोई चिकित्सकीय कारण नहीं है। कोई संदेह हो तो डॉक्टर या उपयुक्त स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
टेस्ट
यह टेस्ट बहुत सरल है। सही तकनीक से जितने पुश-अप कर सकें, उतने करें।
एक बात याद रखें: पुश-अप सही तरीके से करें। अपने परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर न गिनें। टेस्ट से आपको उपयुक्त प्रशिक्षण चक्र चुनने में मदद मिलेगी। गलत चक्र चुनने पर प्रशिक्षण आपके स्तर के अनुरूप नहीं रहेगा।
टेस्ट में चुनौतीपूर्ण प्रयास करें, लेकिन पूरी तरह थककर तकनीक बिगाड़ना ज़रूरी नहीं है। शरीर पर ज़रूरत से ज़्यादा दबाव चोट का कारण बन सकता है और प्रशिक्षण रोकना पड़ सकता है, इसलिए दर्द या असामान्य परेशानी होने पर रुक जाएँ।
टेस्ट से पहले और बाद में कम-से-कम 2 दिन आराम करें। किसी चक्र को पूरा करते ही टेस्ट न करें और टेस्ट के तुरंत बाद अगला चक्र भी शुरू न करें। बहुत अधिक प्रशिक्षण रिकवरी में बाधा डाल सकता है। हर सत्र के बाद मांसपेशियों को उबरने का समय दें। वार्म-अप करना याद रखें—हल्की स्ट्रेचिंग, हाथ घुमाना और इसी तरह की गतिविधियाँ उपयोगी हो सकती हैं।
टेस्ट के परिणाम
टेस्ट में केवल वही पुश-अप गिनें जिनमें आपने अपनी बाँहें पूरी तरह सीधी की हों। जो आखिरी पुश-अप पूरा न हुआ हो, उसे न गिनें।
यह टेस्ट आपको अगला प्रशिक्षण चक्र चुनने में मदद करेगा।
हर प्रशिक्षण चक्र के बाद आपके पुश-अप की संख्या बढ़ सकती है और आप धीरे-धीरे अधिक उन्नत चक्रों की ओर बढ़ सकते हैं। नियमित और सुरक्षित अभ्यास से आप 100 पुश-अप के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेंगे।
शुभकामनाएँ!