वाइड पुश-अप
हाथों को कंधों से चौड़ा रखना पुश-अप में छाती पर ज़्यादा ज़ोर डालने का सबसे आसान तरीका है। हाथ जितने चौड़े होंगे, बाँहों को खोलने और बंद करने का काम उतना ही ज़्यादा आपकी छाती की मांसपेशियों को करना पड़ेगा। यह वही हरकत है जो आप पहले से जानते हैं, बस हाथों की जगह बदलने से मेहनत का असर छाती पर आ जाता है।

वाइड पुश-अप कैसे करें
- प्लैंक की स्थिति से शुरू करें और हाथों को कंधों की चौड़ाई से लगभग 1.5 गुना दूर रखें। बगल से हाथों की दूरी आँकना मुश्किल होता है, इसलिए वैरिएशन हब पर दिए हाथों की दूरी वाले चित्र को देखें, जहाँ सामान्य, वाइड और डायमंड तीनों साथ-साथ दिखाए गए हैं।
- उँगलियों को आगे या हल्का बाहर की ओर रखें, और पैरों को आरामदायक तथा स्थिर चौड़ाई पर टिकाएँ।
- अपने कोर और कूल्हों को कसकर रखें ताकि सिर से एड़ी तक शरीर एक सीधी रेखा में रहे।
- छाती को ज़मीन की ओर नीचे लाएँ और ध्यान रखें कि कोहनियाँ धड़ से लगभग 45 डिग्री से ज़्यादा बाहर न खुलें।
- जब छाती ज़मीन से एक-दो इंच रह जाए तब रुकें, फिर बाँहों को सीधा करते हुए ऊपर उठें, पर जोड़ को ज़ोर से लॉक न करें।
कौन-सी मांसपेशियाँ काम करती हैं
वाइड ग्रिप में ज़ोर मुख्य रूप से आपकी छाती (पेक्टोरल) पर पड़ता है, जो इस स्थिति में अधिकांश धक्का देती है। ऊपर के हिस्से में सामने के डेल्टॉइड मदद करते हैं। आपके ट्राइसेप्स भी काम करते हैं, पर सामान्य या डायमंड पुश-अप की तुलना में कम, क्योंकि कोहनियाँ कम दूरी तक चलती हैं। प्लैंक बनाए रखने के लिए कोर और कूल्हे पूरे समय सक्रिय रहते हैं।
फायदे
- बिना कोई उपकरण बदले छाती पर ज़्यादा भार डालता है।
- यह उसी हरकत में छोटा-सा बदलाव है जो आप पहले से करते हैं, इसलिए कुछ नया सीखना नहीं पड़ता।
- किसी जिम या सामान की ज़रूरत नहीं, बस थोड़ी-सी ज़मीन चाहिए।
- नैरो वैरिएशन के साथ मिलाकर करने पर एक ही धक्के के अलग-अलग हिस्सों पर काम होता है।
आम गलतियाँ
- हाथ बहुत ज़्यादा चौड़े रखना। बहुत चौड़ी ग्रिप कंधों पर असहज खिंचाव डाल सकती है और आपकी रेंज छोटी कर देती है। अगर चुभन हो तो हाथ थोड़े अंदर लाएँ।
- कोहनियों का सीधे बाहर खुलना। कोहनियों का 90 डिग्री तक बाहर निकलना कंधे के जोड़ पर दबाव डालता है। इन्हें 45 डिग्री के आसपास रखें।
- अधूरी रेंज। केवल कुछ इंच नीचे जाना आसान लगता है पर उस हिस्से को छोड़ देता है जहाँ छाती सबसे ज़्यादा काम करती है। नियंत्रण के साथ तब तक नीचे जाएँ जब तक छाती ज़मीन के पास न आ जाए।
- कूल्हों का ढीला पड़ना। बीच का हिस्सा झूल जाए तो भार छाती के बजाय पीठ के निचले हिस्से पर आ जाता है।
कठिनाई और प्रगति
वाइड पुश-अप की कठिनाई सामान्य पुश-अप के करीब है, इसलिए अगर आप सामान्य पुश-अप कर लेते हैं तो ये भी कर सकते हैं। अगर बहुत कठिन लगे तो घुटनों के बल आ जाएँ और हाथों की चौड़ी स्थिति बनाए रखें। जब आसान लगने लगे तो नीचे जाने की गति धीमी करें या ज़्यादा दोहराव जोड़ें।
छाती और बाँहों के भरपूर सत्र के लिए वाइड पुश-अप के सेट को डायमंड पुश-अप के साथ बदल-बदल कर करें: वाइड छाती पर ज़ोर डालता है और डायमंड ट्राइसेप्स पर। एक व्यावहारिक शुरुआत है 3 सेट, हर सेट में सही तकनीक के साथ जितने साफ़ दोहराव कर सकें, बीच में एक-दो मिनट आराम, और फिर धीरे-धीरे बढ़ाते जाएँ।
सभी पुश-अप वैरिएशन की गाइड देखें, पुश-अप करने का सही तरीका दोहराएँ, या 100 दोहराव तक पहुँचने के लिए पूरा 100 पुश-अप कार्यक्रम अपनाएँ।